Verse 1प्रभु कि स्तुति हो (३)
आज और सर्वदा मेरे ...
Verse 2कलवरी के क्रूस पर मेरे लिए मरा
रक्षक कि स्तुति हो
आज और सर्वदा
Verse 3पापों के भोजों से मुझे छुड़ा लिया
प्रभु कि स्तुति हो
आज और सर्वदा मेरे
Verse 4शत्रुवों के बीच मे मेझ को बिछाता
प्रभु कि स्तुति हो
आज और सर्वदा मेरे
Verse 5असुवों गिरने पर दया दर्शाता
प्रभु कि स्तुति हो
आज और सर्वदा मेरे
Verse 6अनुग्रह से मुझे आज तक संभाला
प्रभु कि स्तुति हो
आज और सर्वदा मेरे
Verse 7दृष्टि मुझपर रक्कर आगे को चलाता
प्रभु कि स्तुति हो
आज और सर्वदा मेरे
Verse 8बीमारी के वक्त मे साथ रेनेवाला
प्रभु कि स्तुति हो
आज और सर्वदा मेरे
Verse 9आत्मा के शक्ति को मुझमे उंडेल दाता
प्रभु कि स्तुति हो
आज और सर्वदा मेरे
Verse 10Translation of
Daivathinu sthothram - innumenekum (538)