Verse 1राजाधिराज, महिमा के साथ
आ रहा है, मेघों पर होके सवार - 2
Verse 2मुसीबत निंदा - दुःखों का सिलसिला,
खत्म होने का समय आ गया
राजाधिराज...
Verse 3मेरे प्रिय का जलाली चेहरा
देखने का अब समय आ गया
राजाधिराज...
Verse 4सब दुःखों से परे – अनंत वास में,
ले जाने के लिये वो आ रहा है
राजाधिराज...
Verse 5अपने प्रिय के साथ करने सदा का साथ
हम जाने वाले हैं, रहें हर पल तैयार
राजाधिराज...