Verse 1तेरे आसन के पास आऊं, कृपा मिलती है
तेरे चरणों के पास बैठूं, शांति मिलती है
तेरे मंदिर में मै आऊँ,
तू मिलता है
Verse 2तू ही है यहोवा शालोम, प्रभु मेरी शांति
जो मेरे मन में आई, मसीहा को जान कर
तू ही है यहोवा शालोम, प्रभु मेरे करीब है
वादा किया है मुझसे,
तेरे साथ रहूँ सदा
Verse 3तेरे ह्रदय को छुऊँ, प्यार मिलता है
तेरे हाथो को मै थामूं, सहारा मिलता है
तेरी आँखों में मै देखूं,
तृप्त होता हूँ मै
Verse 4तू ही है यहोवा रोही, प्रभु मेरा चरवाहा
हरी चारियों में चराता, सुखदाई जल पिलाता
तू ही है यहोवा यीरे, प्रभु जो मुझे देता
ज़रूरतों को पूरा करता,
महिमा के धन से